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एमपी पुलिस भर्ती में AI से खुली नकल की पोल, 14 अभ्यर्थियों पर FIR की तैयारी

Bhopal News : मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा आयोजित पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 में कथित हाईटेक नकल का बड़ा मामला सामने आया है। जांच के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल की मदद से 14 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में असामान्य पैटर्न पाए गए हैं। इन सभी को भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है और अब इनके खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

2-3 सेकंड में हल किए जटिल सवाल

जानकारी के अनुसार, यह भर्ती परीक्षा 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर 2025 के बीच आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 7500 पदों के लिए 9.79 लाख अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। सामान्यतः जिन प्रश्नों को हल करने में 30-40 सेकंड लगते हैं, कुछ अभ्यर्थियों ने उन्हें मात्र 2-3 सेकंड में हल कर दिया, जिससे संदेह पैदा हुआ।

AI ने ऐसे पकड़ी गड़बड़ी

जांच में इस्तेमाल किए गए AI एल्गोरिद्म ने कई अहम संकेतों के आधार पर गड़बड़ी का पता लगाया:

  • रिस्पॉन्स टाइम एनालिसिस : कठिन सवालों के जवाब असामान्य रूप से तेजी से दिए गए।
  • आंसर पैटर्न मैचिंग : अलग-अलग शिफ्ट में बैठे अभ्यर्थियों के उत्तरों में चौंकाने वाली समानता मिली, यहां तक कि गलत जवाब भी एक जैसे थे।
  • परफॉर्मेंस में अचानक उछाल : कई अभ्यर्थियों का पिछला रिकॉर्ड औसत था, लेकिन इस परीक्षा में उनके अंक 98-100% तक पहुंच गए।

CCTV फुटेज से भी मिले संकेत

जांच के दौरान परीक्षा केंद्रों के CCTV फुटेज खंगाले गए, जिनमें कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं। रिपोर्ट के मुताबिक, परीक्षा कक्ष के बाहर कुछ लोग बार-बार स्क्रीन के पास आते-जाते दिखे, जिससे तकनीकी माध्यम से उत्तर पहुंचाने की आशंका और मजबूत हुई।

हाई लेवल कमेटी ने की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने रिटायर्ड IPS और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक 5 सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी ने AI डेटा, परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि सभी 14 अभ्यर्थी अलग-अलग दिन और शिफ्ट में परीक्षा दे रहे थे, लेकिन उनका परीक्षा केंद्र एक ही था।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक इससे पहले आबकारी आरक्षक भर्ती 2024 में भी इसी तरह की गड़बड़ी सामने आई थी, जहां कुछ अभ्यर्थियों ने बेहद कम समय में पूरा पेपर हल कर लिया था।

पहले ही ब्लॉक किए गए रोल नंबर

मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने परीक्षा परिणाम घोषित करते समय ही इन 14 अभ्यर्थियों के रोल नंबर ब्लॉक कर दिए थे, ताकि भर्ती प्रक्रिया पर कोई विवाद न हो। इन्हें फिजिकल टेस्ट से पहले ही बाहर कर दिया गया।

मामले को लेकर स्टेट साइबर सेल को शिकायत भेजी गई है। साइबर सेल के एसपी प्रणय नागवंशी ने बताया कि मामले में अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा रही है, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अधिकांश संदिग्ध अभ्यर्थी ग्वालियर संभाग (भिंड, मुरैना, ग्वालियर) से जुड़े हैं। आशंका जताई जा रही है कि नकल के लिए रिमोट एक्सेस सॉफ्टवेयर या कंप्यूटर मिररिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल सभी संदिग्ध अभ्यर्थियों के परिणाम रोक दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Suyash Gupta
Author: Suyash Gupta

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