मध्य प्रदेश में सितंबर महीने के दौरान बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की संभावना है। बैंक कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के चलते प्रदेश में कई दिनों तक बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज प्रभावित रहेगा। इस दौरान करीब 40 हजार बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। प्रदेश की लगभग 7 हजार बैंक शाखाओं के प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इससे ग्राहकों को जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
बैंक कर्मचारियों की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया गया है। सितंबर में अलग-अलग तारीखों पर होने वाली हड़ताल और छुट्टियों के कारण बैंकिंग कामकाज लगातार प्रभावित रहने की आशंका है। ऐसे में जिन ग्राहकों को बैंक से जुड़े जरूरी काम कराने हैं, उन्हें पहले से योजना बनानी होगी।
40 हजार कर्मचारी हड़ताल पर, 7 हजार शाखाओं पर असर
प्रस्तावित आंदोलन का सबसे बड़ा असर बैंक शाखाओं के नियमित कामकाज पर पड़ सकता है। कर्मचारी हड़ताल पर रहने के कारण कई शाखाओं में काउंटर सेवाएं बंद रहेंगी। इससे नकद जमा करने और निकालने, चेक जमा करने तथा चेक क्लियरेंस जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक से जुड़े अन्य कामों के लिए भी ग्राहकों को इंतजार करना पड़ सकता है।
हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और यूपीआई सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की उम्मीद है। इसके बावजूद जिन ग्राहकों के काम शाखा में जाकर ही होते हैं, उन्हें परेशानी हो सकती है। खासकर वरिष्ठ नागरिकों, छोटे कारोबारियों और ऐसे ग्राहकों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है, जिन्हें नकद लेन-देन या दस्तावेज संबंधी काम के लिए बैंक शाखा जाना पड़ता है।
जरूरी बैंकिंग काम पहले निपटाने की सलाह
लगातार छुट्टियों और हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें। जिन लोगों को चेक जमा करना, नकदी निकालना या जमा करना अथवा बैंक से संबंधित कोई जरूरी दस्तावेजी काम कराना है, वे हड़ताल की तारीखों से पहले शाखा में जाकर काम पूरा कर सकते हैं।
वहीं, डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपेक्षाकृत कम परेशानी होने की संभावना है। ऑनलाइन ट्रांसफर, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से होने वाले लेन-देन जारी रह सकते हैं। हालांकि, किसी तकनीकी समस्या या ऐसे काम जिनके लिए बैंक शाखा की आवश्यकता होती है, उनके लिए ग्राहकों को अतिरिक्त समय रखना होगा।


