राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के तहत रविवार को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में शाखा संगम और स्वयंसेवक एकत्रीकरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भोपाल विभाग के अंतर्गत आने वाले पांच जिलों से करीब 30 हजार स्वयंसेवक शामिल हुए। आयोजन में स्वयंसेवकों ने विभिन्न शारीरिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन किया। संघ गीत और घोष वादन भी कार्यक्रम का हिस्सा रहा। कार्यक्रम में RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। एम्स भोपाल के निदेशक और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल नरेंद्र कोतवाल को मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल किया गया। शताब्दी वर्ष के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में संगठन की शाखाओं के विस्तार और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े विषयों को सामने रखा गया।
पांच जिलों से पहुंचे करीब 30 हजार स्वयंसेवक
शाखा संगम में भोपाल विभाग के पांच जिलों से स्वयंसेवक पहुंचे। संघ की ओर से इसे नियमित शाखाओं के बड़े स्वरूप के तौर पर आयोजित किया गया। करीब 30 हजार स्वयंसेवकों की मौजूदगी में मैदान में सामूहिक गतिविधियां और शारीरिक प्रदर्शन हुए। आयोजन के दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासनबद्ध तरीके से विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। कार्यक्रम में संघ की शताब्दी वर्ष की गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जुड़े विषय भी सामने रखे गए। आयोजन का एक प्रमुख उद्देश्य शाखाओं से जुड़े स्वयंसेवकों को एक मंच पर एकत्र करना रहा।
होसबाले ने सामाजिक समरसता और नागरिक कर्तव्य पर दिया जोर
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने अपने संबोधन में जागृत और संगठित समाज को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए जातिभेद और छुआछूत को समाप्त करने की आवश्यकता की बात कही। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों को सामाजिक जीवन का हिस्सा बनाने पर भी जोर दिया। संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में ‘पंच परिवर्तन’ को भी प्रमुख विषय के रूप में रखा गया है। इसमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वबोध और नागरिक कर्तव्य जैसे विषय शामिल हैं।
शारीरिक प्रदर्शन और घोष वादन रहा आकर्षण
लाल परेड ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों ने सामूहिक शारीरिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। घोष वादन और संघ गीत भी कार्यक्रम का हिस्सा रहे। संघ से जुड़े एक आधिकारिक विवरण के अनुसार, आयोजन में करीब 30 हजार स्वयंसेवकों के में संघ की अब तक की गतिविधियों और सामाजिक संपर्क से जुड़े कार्यों का विवरण भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के जरिए स्वयंसेवकों की सहभागिता और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े विषयों को सामने रखा गया।


