हाईटेंशन लाइनों के नीचे निर्माण से सुरक्षा पर सवाल
शहर में हाईटेंशन बिजली लाइनों के नीचे और आसपास हो रहे निर्माण को लेकर सुरक्षा का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से 853 नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। हाईटेंशन लाइनों के नजदीक मकान, दुकान या अन्य निर्माण होने से लोगों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे स्थानों पर बिजली के तारों से उचित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है।
बिजली की हाईटेंशन लाइनें अधिक वोल्टेज पर काम करती हैं। इनके बेहद करीब पहुंचना या निर्धारित सुरक्षा दूरी का पालन किए बिना निर्माण करना दुर्घटना का कारण बन सकता है। खासकर छतों, ऊपरी मंजिलों और निर्माणाधीन इमारतों में काम करने वाले मजदूरों के लिए यह जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए ऐसे क्षेत्रों में नियमों का पालन और नियमित निगरानी जरूरी मानी जाती है।
853 नोटिस के बाद कार्रवाई पर नजर
853 नोटिस जारी होने की जानकारी से यह सवाल उठ रहा है कि संबंधित निर्माणों के खिलाफ आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। नोटिस जारी करना आमतौर पर संबंधित लोगों को नियमों की जानकारी देने और स्थिति सुधारने का अवसर देने की प्रक्रिया का हिस्सा होता है। हालांकि, नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि सभी मामलों में अवैध निर्माण की पुष्टि हो चुकी है। प्रत्येक मामले की स्थिति संबंधित दस्तावेजों और विभागीय जांच के आधार पर स्पष्ट होगी। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों ने नियमों के अनुसार आवश्यक सुधार किए हैं या नहीं। यदि किसी निर्माण से बिजली लाइन की सुरक्षित दूरी प्रभावित हो रही है, तो संबंधित विभाग को नियमानुसार आगे की कार्रवाई करनी पड़ सकती है।
लोगों की सुरक्षा और विभागीय निगरानी जरूरी
हाईटेंशन लाइनों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। भवन निर्माण, छत पर अतिरिक्त ढांचा बनाने या बड़े उपकरण लगाने से पहले बिजली लाइन की स्थिति और लागू सुरक्षा मानकों की जानकारी लेना जरूरी है। निर्माण कार्य के दौरान भी मजदूरों और उपकरणों को तारों से सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए।vप्रशासन और संबंधित बिजली विभाग की जिम्मेदारी है कि जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, लोगों को जागरूक करने और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करने से दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है। जारी किए गए 853 नोटिस के बाद अब विभागीय कार्रवाई और सुरक्षा मानकों के पालन पर सबकी नजर रहेगी।


