शहडोल ज़िले की एक पंचायत से गड़बड़ी की खबर सामने आ रही है जिसमे गड़बड़ी करने वाला खुद सरपंच ही है। इस सरपंच की उम्र बीते नौ साल में छह बरस कम हो गई। पढ़े पूरा मामला।

Shahdol News: मामला ब्यौहारी विकास खंड अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बहेरिया के सरपंच रामसिया लखेर का है। यहाँ के सरपंच की उम्र समय के बढ़ने के साथ साथ कम हो गयी। वर्ष 2015 में उनकी उम्र 60 साल थी, वहीं अब 2024 में नेताजी की उम्र घटकर 54 बरस रह गई है।
यह है मामला:
यकीन न आने वाला यह मामला जनपद पंचायत ब्यौहारी के ग्राम पंचायत बहेरिया के सरपंच रामसिया लखेर का है। यह पंचायत के ग्राम खढेह के निवासी हैं। इनका नाम बीपीएल सूची में में भी दर्ज़ है। सरपंच रामसिया लखेर ने 2015 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन लेने के लिए अपनी जन्मतिथि 20 जुलाई 1955 बताकर आवेदन किया था। इस जन्मतिथि के मुताबिक सरपंच 60 साल के हो चुके थे और पेंशन के हकदार थे। एवं आवेदन के लिए उपयोग किये गए आधार कार्ड व समग्र आईडी के मुताबिक भी यह 60 साल के हो चुके थे।
लेकिन असल में सरपंच रामसिया लखेर की कक्षा बारहवीं की अंक सूची में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1970 लिखी है। इसके अनुसार वर्ष 2015 में इनकी आयु 45 साल थी तथा वर्तमान में इनकी आयु 54 वर्ष है। अंक सूची में दर्ज़ जन्मतिथि के मुताबिक सरपंच पेंशन के लिए अपात्र थे। फिर भी इन्होने आधार कार्ड में गलत जन्मतिथि अंकित कराकर गलत तरीके से वृद्धा पेंशन का लाभ उठाया। अब मामला खुलने पर इनकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच चुकी है।
प्रमाणित आरोपों पर नहीं हो रही कार्यवाही:
ग्राम के लोगो द्वारा सरपंच के खिलाफ अनियमितताएं, गबन एवं फर्ज़ीवाड़े की शिकायत पूर्व में भी लिखित रूप से की जा चुकी है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच कराई गई थी, जिसमें ग्रामीणों द्वारा लगाए आरोप सही पाए गए थे। लेकिन आरोप सिद्ध होने के बाद भी सरपंच के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरपंच के विरुद्ध कार्यवाही करने का पत्र पंचायत ब्यौहारी से जिला पंचायत भी भेजा गया था। लेकिन वह जांच रिपोर्ट दूसरे मामलो में दब कर रह गई है।
सरपंच के ऊपर वर्ष 2015 से 2019 तक जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा करने एवं गलत तरीके से वृद्धा पेंशन का लाभ लेने का आरोप है। एवं ग्राम खढेह में खेर माई माता मंदिर चबूतरा निर्माण, हनुमान मंदिर सफाई के नाम पर गबन, फर्जी मजदूरी भुगतान करने समेत अन्य निर्माण कार्यों में रुपये की अनियमितता किए जाने का भी आरोप है।
शिकायत में अधिकांश आरोप जांच में प्रमाणित हो चुके हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक सरपंच को कुछ सफेदपोश नेताओं का संरक्षण है, जिस कारण उनपर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब ग्रामवासियो को उम्मीद है की सरपंच के प्रमाणित भ्रष्टाचार के खिलाफ वरिष्ठ कार्यालय से कार्रवाई की जाएगी।
इन वाकये के मध्य ग्राम पंचायत बहेरिया के लेटर पैड में प्रधानमंत्री के नाम एक पत्र सामने आया है, जिसमें सरपंच रामसिया के द्वारा यह लिखा है कि वह पिछड़ा वर्ग से है। जबकि पंचायत के उप सरपंच समेत अधिकांश पंच उच्च वर्ग से हैं।
इस मामले में सरपंच जांच में आरोप सिद्ध होने के बाद भी वह आरोपों को नकारते हुए नजर आए। अब ग्रामीणों को जिला प्रशासन से कार्यवाही की उम्मीद है।


