भोपाल में शराब दुकानों को लेकर लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर के शाहपुरा और अरेरा कॉलोनी इलाके में नई शराब दुकानों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि शाहपुरा में शराब की दुकान स्कूल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर खोली गई है, जबकि अरेरा कॉलोनी में मंदिर के पास ठेका खोले जाने से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इन दुकानों को तुरंत हटाने की मांग की है।
स्कूल के पास शराब दुकान से अभिभावकों में चिंता
शाहपुरा इलाके में खुली शराब दुकान को लेकर सबसे ज्यादा चिंता बच्चों के अभिभावकों में देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि स्कूल के इतने पास शराब की दुकान होने से बच्चों पर गलत असर पड़ सकता है। स्कूल आने-जाने वाले छात्रों को रोजाना शराब पीने वालों और वहां लगने वाली भीड़ का सामना करना पड़ सकता है।
अभिभावकों का मानना है कि शिक्षा के माहौल के आसपास इस तरह की गतिविधियां बच्चों के मानसिक विकास पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। कई लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों और शिक्षण संस्थानों के आसपास शराब दुकानों की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
मंदिर के पास ठेका खुलने पर धार्मिक लोगों में नाराजगी
अरेरा कॉलोनी में मंदिर के पास शराब दुकान खुलने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थलों के पास शराब की बिक्री से इलाके का माहौल खराब होता है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि मंदिर के आसपास शांति और पवित्रता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि धार्मिक स्थलों के आसपास शराब दुकानों को अनुमति देने से पहले लोगों की भावनाओं का ध्यान रखा जाए।
स्थानीय लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
दोनों इलाकों में लोगों ने एकजुट होकर शराब दुकानों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने सड़क पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर शराब दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों, स्कूलों और धार्मिक स्थलों के पास शराब दुकानें नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को जनता की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए। लोगों का मानना है कि शराब दुकानों की जगह तय करते समय आसपास के माहौल और सामाजिक प्रभावों का ध्यान रखना जरूरी है।
अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है। यदि जल्द कोई फैसला नहीं लिया गया तो विरोध और बढ़ सकता है। यह मामला शहर में शराब दुकानों की लोकेशन को लेकर एक बड़ी बहस का विषय बन गया है।


