भोपाल में यात्री बसों के खिलाफ परिवहन विभाग का जांच अभियान लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। शहर के अलग-अलग इलाकों और प्रमुख मार्गों पर बसों को रोककर उनके दस्तावेज, फिटनेस और अन्य जरूरी मानकों की जांच की गई। तीन दिनों तक चले इस अभियान में नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच के दौरान दो यात्री बसों को जब्त किया गया, जबकि दो बसों का फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा अलग-अलग मामलों में कुल 62 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
बसों के दस्तावेज और फिटनेस की हुई जांच
परिवहन विभाग की टीमों ने अभियान के दौरान यात्री बसों के जरूरी दस्तावेजों की जांच की। अधिकारियों ने परमिट, फिटनेस प्रमाण पत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित अन्य कागजातों को देखा। इसके साथ ही बसों की तकनीकी स्थिति और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान जिन वाहनों में नियमों से संबंधित कमियां मिलीं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। दो बसों को मौके पर जब्त किया गया। वहीं, दो अन्य बसों के फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए गए। विभाग की इस कार्रवाई से बस संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती
परिवहन विभाग की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यात्री बसों के संचालन में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। बसों की फिटनेस खराब होने या जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से विभाग द्वारा वाहनों की नियमित जांच की जा रही है। अधिकारियों की जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा रही है। बस संचालकों को अपने वाहनों के दस्तावेज अपडेट रखने और फिटनेस सहित सभी जरूरी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
62 हजार रुपए का जुर्माना, आगे भी जारी रहेगी चेकिंग
तीन दिन चले अभियान के दौरान परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों पर कुल 62 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। विभाग की कार्रवाई से यह संकेत मिल रहा है कि यात्री वाहनों की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर प्रशासन गंभीर है। अभियान के दौरान अधिकारियों ने बस संचालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी यात्री बसों की चेकिंग जारी रह सकती है। खासकर फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।


