प्रदेश में इन दिनों खाद संकट गहराया हुआ है, जिससे किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं और विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर हो गए हैं। कई जिलों में किसानों का आक्रोश सड़कों पर देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर में डीएपी खाद की किल्लत से त्रस्त किसानों ने फव्वारा तिराहे पर सड़क पर लेटकर प्रदर्शन किया।

पिछले एक महीने से खाद की मांग कर रहे यह किसान प्रशासन की अनदेखी से नाराज थे और उन्होंने कालाबाजारी के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।
निवाड़ी जिले के कलेक्टर जांगिड़ ने पिछले दिनों में खाद की उपलब्धता के बारे में आश्वासन दिया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। फिर भी किसानो को खाद के लिए परेशान होना पड रहा है, और मजबूरी में विरोध प्रदर्शन करना पड रहा है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार अनिल गुप्ता और पुलिस मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, किसानों ने आश्वासनों को नाकाफी बताते हुए नाराजगी जताई। किसानों का कहना था कि अगर समय पर खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो उनकी फसल बुवाई रुक जाएगी। अंततः प्रशासन द्वारा खाद की उपलब्धता का भरोसा दिलाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
कालाबाजारी के आरोप साबित:
जिले में खाद की कालाबाजारी के आरोपों की जांच के बाद प्रशासन ने पुष्टि की कि सरकारी खाद की कालाबाजारी की जा रही थी। इसपर कार्यवाही करते हुए निवाड़ी कलेक्टर के निर्देश पर चार कर्मचारियों और एक व्यापारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
अन्य ज़िलों में भी स्थिति गंभीर:
टीकमगढ़ की कृषि मंडी में भी खाद की भारी कमी देखी गई। किसानों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
पृथ्वीपुर तहसीलदार ने कहा कि किसानों को जल्द खाद उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सही कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


