सर्दियों में नोरोवायरस के मामलों में तेज़ी से वृद्धि देखी जा रही है, वह भी खासकर अमेरिका में। दिसंबर के पहले हफ्ते में अमेरिका में 91 नए मामले दर्ज हुए, जबकि नवंबर के अंत तक 69 मामले ही सामने आए थे। गिरते तापमान के बीच यह वायरस तेजी से फैल रहा है। इसे “विंटर वॉमिटिंग बग” के नाम से भी जाना जाता है और यह संक्रामक वायरस दूषित पानी, भोजन और संक्रमित सतहों या लोगों के संपर्क में आने से फैलता है।

क्या है नोरोवायरस?
नोरोवायरस पेट और आंतों को प्रभावित करने वाला वायरस है, जो गैस्ट्रोएंटेराइटिस का कारण बनता है। इसके शुरुआती लक्षणों में उल्टी, दस्त, सिरदर्द, और थकावट शामिल हैं। यह बीमारी ज्यादा खतरनाक तो नहीं है लेकिन नहीं लक्षणों की पहचान और उचित देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
नोरोवायरस का पहला प्रकोप 1968 में ओहियो के नॉरवॉक शहर में एक स्कूल में हुआ था, जिसके कारण इसे “नॉरवॉक वायरस” भी कहा गया।
यह वायरस सर्दियों के दौरान, सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। इसे “नोरोवायरस सीजन” कहा जाता है। मरीज के ठीक होने के बाद भी वायरस कुछ समय तक फैल सकता है, जिससे इसके मामलों में तेज़ी आती है।
वायरस से बचाव के तरीके:
- हाथ धोना: नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोना सुनिश्चित करें।
- दूषित भोजन और पानी से बचाव: केवल स्वच्छ और सुरक्षित भोजन व पानी का सेवन करें।
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी: बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
- डॉक्टर से परामर्श: पेट से संबंधित लक्षणों के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सर्दियों में यह वायरस स्वास्थ्य के लिए चुनौती बन सकता है, लेकिन सतर्कता और स्वच्छता बरतने से इसके संक्रमण से बचा जा सकता है।


