भोपाल के कोतवाली थाना क्षेत्र में जुआ गतिविधियों को लेकर पुलिस विभाग में कार्रवाई हुई है। चौक बाजार इलाके में ACP की टीम द्वारा की गई दबिश के दौरान दर्जनभर से अधिक लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़े जाने के बाद कोतवाली थाने के TI सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति बन गई। मामले में थाना प्रभारी पर जुआ गतिविधियों को कथित रूप से संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध गतिविधियों की जांच की। दबिश के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पकड़े जाने के बाद मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर भी जांच शुरू की गई।
चौक बाजार में ACP की दबिश, दर्जनभर से ज्यादा जुआरी पकड़े
चौक बाजार क्षेत्र में जुआ खेले जाने की सूचना के बाद ACP के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके से दर्जनभर से अधिक लोगों को पकड़ा गया। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की और जुए से संबंधित गतिविधियों की जांच की। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू की गई। दबिश के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पकड़े जाने से स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थाना क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है।
TI समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित, संरक्षण के आरोपों की जांच
मामले में कोतवाली थाना प्रभारी (TI) सहित तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। TI पर चौक बाजार क्षेत्र में कथित जुआ गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप है। हालांकि, यह आरोप जांच का विषय है और विभागीय जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस विभाग की कार्रवाई के बाद अब इस बात की जांच की जा रही है कि जुआ गतिविधियों की जानकारी स्थानीय पुलिस को थी या नहीं और यदि थी, तो उन्हें रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए। वरिष्ठ अधिकारी मामले से जुड़े तथ्यों और पुलिसकर्मियों की भूमिका की समीक्षा कर रहे हैं। निलंबन की कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में जिम्मेदारी और निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


