भोपाल में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के कार्यालय में बुधवार को ठेकेदारों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। ठेकेदार ढोल-ढमाकों के साथ कार्यालय पहुंचे और धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर भुगतान संबंधी मामलों में देरी करने का आरोप लगाया। ठेकेदारों का कहना है कि लंबे समय से उनके कई बिल लंबित हैं, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदारों के प्रदर्शन के चलते कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए हलचल का माहौल रहा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं और जल्द से जल्द लंबित बिलों का भुगतान करने की मांग की। उनका कहना है कि काम पूरा करने के बाद भी भुगतान नहीं होने से निर्माण कार्यों से जुड़े खर्चों को संभालना मुश्किल हो रहा है।
लंबित बिलों के भुगतान की मांग, ढोल-ढमाके के साथ जताया विरोध
प्रदर्शन कर रहे ठेकेदारों ने कहा कि विभाग में लंबे समय से उनके भुगतान अटके हुए हैं। कई ठेकेदारों ने विभाग के लिए अलग-अलग निर्माण और अन्य कार्य पूरे किए हैं, लेकिन संबंधित बिलों का भुगतान समय पर नहीं हो पाया। इसके चलते ठेकेदारों पर कर्मचारियों की मजदूरी, सामग्री और अन्य खर्चों का दबाव बढ़ रहा है। अपनी मांग को अधिकारियों तक मजबूती से पहुंचाने के लिए ठेकेदार ढोल-ढमाकों के साथ PHE कार्यालय पहुंचे। उन्होंने धरना देकर लंबित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जा सकता है।
अफसरों के बीच टकराव का असर, भुगतान प्रक्रिया में आई रुकावट
ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर अधिकारियों के बीच चल रहे टकराव और आपसी खींचतान का असर भुगतान प्रक्रिया पर पड़ रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों के बीच समन्वय नहीं होने के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं और बिलों का भुगतान अटका हुआ है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, ठेकेदारों ने विभाग के लिए काम पूरा किया है और अब उन्हें अपने भुगतान का इंतजार है। लंबे समय तक बिल लंबित रहने से उनके सामने आर्थिक संकट जैसी स्थिति बन रही है। ठेकेदारों ने अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर भुगतान प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने की मांग की है। वहीं, प्रदर्शन के बाद विभागीय स्तर पर ठेकेदारों की शिकायतों और लंबित बिलों की स्थिति की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और लंबित भुगतानों को लेकर ठेकेदारों को कब तक राहत मिलती है।


