दीपावली पर मरीजों के लिए अस्पताल में विशेष तैयारी
भोपाल। दीपावली के त्योहार को देखते हुए भोपाल जिला अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखने की तैयारी है, ताकि पटाखों के कारण जलने या चोट लगने की स्थिति में लोगों को समय पर इलाज मिल सके। त्योहार के दौरान आतिशबाजी के कारण हाथ, चेहरे और आंखों में चोट लगने के मामले सामने आ सकते हैं। ऐसे में अस्पताल में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण हो जाती है।
दीपावली के दिन पटाखे जलाते समय छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए अस्पताल में आने वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। पटाखों से जलने वाले मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता मिलना जरूरी है, ताकि चोट की गंभीरता के अनुसार आगे का उपचार किया जा सके।
पटाखों से जलने पर तुरंत उपचार जरूरी
पटाखों से जलने की घटना होने पर घबराने के बजाय तुरंत प्राथमिक उपचार देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर मरीज को अस्पताल पहुंचाना चाहिए। जले हुए हिस्से को साफ, ठंडे बहते पानी के नीचे लगभग 20 मिनट तक रखें। बर्फ, टूथपेस्ट, घी या तेल जैसी चीजें जले हुए स्थान पर नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि इससे नुकसान बढ़ सकता है। यदि जलन गंभीर हो, त्वचा गहराई तक जल गई हो या चेहरे और आंखों पर चोट लगी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है। आंख में पटाखे का कण जाने या चोट लगने पर आंख को रगड़ना नहीं चाहिए। गंभीर चोट की स्थिति में आपातकालीन सेवा की मदद लेनी चाहिए।
सुरक्षित दीपावली मनाने की अपील
दीपावली पर हादसों से बचने के लिए पटाखे खुले स्थान पर और सुरक्षित दूरी बनाकर जलाने चाहिए। बच्चों को पटाखे अकेले नहीं जलाने देना चाहिए। आतिशबाजी करते समय पानी की बाल्टी या रेत पास रखना उपयोगी हो सकता है। ढीले और ज्वलनशील कपड़े पहनकर पटाखे जलाने से बचना चाहिए। जिला अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, डॉक्टरों की ड्यूटी और आपातकालीन व्यवस्था से संबंधित सटीक जानकारी अस्पताल प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के अनुसार ही साझा की जानी चाहिए। त्योहार के दौरान सतर्कता और समय पर उपचार से दुर्घटनाओं के प्रभाव को कम किया जा सकता है।


