Seoni News: सिवनी में पेंच नहर से जुड़े विवाद में जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर और स्थानीय भाजपा विधायक के बीच तनाव बढ़ गया है। WRD चीफ इंजीनियर अशोक देहरिया ने भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन और उनके समर्थकों पर मारपीट और तोड़फोड़ के गंभीर आरोप लगाए हैं।

यह है विवाद:
बताया जा रहा है की 26 नवंबर को पेंच नहर से पानी छोड़ने को लेकर किसानों, WRD अधिकारियों और विधायक के बीच बैठक हुई थी। चीफ इंजीनियर अशोक देहरिया ने 3 दिसंबर से माचागोरा डेम से पानी छोड़ने और 15 दिसंबर तक इसे कलारबांकी गांव तक पहुंचाने का वादा किया था। लेकिन, किसानों के खेतों तक पानी न पहुंचने के कारण किसान और विधायक नाराज हो गए। जिसके बाद विधायक दिनेश राय ने निर्माण स्थल पर जाकर अधिकारियों से बात की और इसी दौरान विवाद हुआ।
खबरों के मुताबिक घटना के दौरान एक सेवानिवृत्त उपविभागीय अधिकारी ने चीफ इंजीनियर को फोन पर सूचना दी, जिसमें शिकायत की गई कि विधायक मुनमुन ने कथित तौर पर धमकियां दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस घटना से कार्यालय के कर्मचारियों और ठेकेदार की टीम में डर फैल गया, जिससे वे काम जारी रखने में असमर्थ दिखे।
चीफ इंजीनियर ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि निर्माण कार्य में रुकावट और कर्मचारियों के भय के कारण जरूरी मरम्मत में देरी हो सकती है, जिससे किसानों को समय पर सिंचाई सुविधाएं मिलने में बाधा आ सकती है।
घटना के बाद चीफ इंजीनियर अशोक देहरिया ने प्रमुख अभियंता भोपाल को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी और विधायक का नाम शामिल करते हुए घटना की गहन जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई, और कर्मचारियों एवं इंजीनियरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
यह रही विधायक की प्रतिक्रिया:
विधायक दिनेश राय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि उनपर झूठे आरोप लग रहे है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने उलटा चीफ इंजीनियर अशोक देहरिया और उनके रिश्तेदार आरके देहरिया पर ठेकेदारी में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार से इन आरोपों की जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जिसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि वह मामले की पूरी जानकारी ले रहे हैं और उचित कदम उठाए जाएंगे।
पेंच नहर विवाद ने किसानों के हित, अधिकारियों के दायित्व और जनप्रतिनिधियों के आचरण के सवालों को एक साथ खड़ा कर दिया है। मामले की जांच के बाद ही सच्चाई का पता चल सकेगा।


