भोपाल। राजधानी भोपाल में तेज आंधी और खराब मौसम ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। शहर के कई इलाकों में रातभर बिजली गुल रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ बिजली के तारों पर गिर गए, जबकि कुछ जगहों पर बिजली के पोल भी झुक गए। इसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। बिजली विभाग की टीमों ने रातभर मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत की और फॉल्टी लाइनों को हटाकर आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया।
तेज आंधी ने बिगाड़ा बिजली नेटवर्क
शाम के समय शुरू हुई तेज आंधी ने शहर के कई हिस्सों में तबाही मचा दी। हवाओं की गति इतनी तेज थी कि कई बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए और बिजली के तारों पर गिर पड़े। इससे कई फीडरों की लाइनें प्रभावित हुईं और अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई। कुछ इलाकों में पोल झुकने और तार टूटने की घटनाएं भी सामने आईं। मौसम के अचानक बदले मिजाज ने बिजली विभाग की चुनौती बढ़ा दी।
रातभर अंधेरे में रहे कई इलाके
बिजली बाधित होने के कारण शहर के अनेक क्षेत्रों में लोगों को पूरी रात अंधेरे में बितानी पड़ी। गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं होने से घरों में पंखे, कूलर और अन्य उपकरण बंद हो गए। कई परिवारों को रातभर जागकर समय बिताना पड़ा। इसके अलावा पानी की सप्लाई और इंटरनेट सेवाओं पर भी असर देखने को मिला। लोगों ने सोशल मीडिया और हेल्पलाइन के माध्यम से बिजली विभाग को शिकायतें भी दर्ज कराईं।
मरम्मत कार्य में जुटीं बिजली विभाग की टीमें
बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए विभाग की टीमें रातभर मैदान में डटी रहीं। कर्मचारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर गिरे हुए पेड़ों को हटाया और क्षतिग्रस्त तारों व उपकरणों की मरम्मत की। जहां-जहां लाइनों में फॉल्ट मिला, वहां खराब हिस्सों को हटाकर नई कनेक्टिविटी जोड़ी गई। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रखी गई ताकि मरम्मत कार्य सुरक्षित तरीके से पूरा किया जा सके।
भविष्य में मजबूत व्यवस्था की जरूरत
⊇इस घटना ने एक बार फिर मौसम संबंधी आपदाओं के दौरान बिजली व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने तारों और कमजोर संरचनाओं को समय रहते बदलना जरूरी है। साथ ही पेड़ों की नियमित छंटाई और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी से ऐसी समस्याओं को कम किया जा सकता है। फिलहाल अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन यह घटना भविष्य के लिए बेहतर और मजबूत बिजली प्रबंधन की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।


