ड्यूटी से बचने की बढ़ी कोशिशें
जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य को लेकर प्रदेश के कई जिलों में कर्मचारियों के बीच अलग ही स्थिति देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में कर्मचारी इस ड्यूटी से बचने के लिए आवेदन दे रहे हैं। अब तक करीब 20 हजार आवेदन सामने आ चुके हैं, जिनमें कर्मचारियों ने अलग-अलग कारणों का हवाला दिया है। कुछ ने स्वास्थ्य समस्या बताई है, तो कुछ ने पारिवारिक जिम्मेदारियों का जिक्र किया है। इतनी बड़ी संख्या में आवेदन आने से प्रशासन के सामने काम को समय पर पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
गुना कलेक्टर का अनोखा फॉर्मूला
इस समस्या को देखते हुए गुना कलेक्टर ने एक नया तरीका अपनाया है। उन्होंने घोषणा की है कि जो कर्मचारी जनगणना कार्य में अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें पुरस्कार दिया जाएगा। कलेक्टर के अनुसार, छह कर्मचारियों को चुना जाएगा और उन्हें 10-10 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस फैसले का मकसद कर्मचारियों को काम के प्रति प्रेरित करना और जिम्मेदारी के साथ कार्य पूरा करवाना है। यह पहल प्रशासन की ओर से एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।
प्रोत्साहन से बढ़ेगा काम का उत्साह
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रोत्साहन से कर्मचारियों में काम के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। जनगणना एक ऐसा कार्य है, जिससे देश की योजनाओं और विकास की दिशा तय होती है। इसलिए इसका सही और समय पर पूरा होना बहुत जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन सभी आवेदनों की जांच कर रहा है और यह तय किया जा रहा है कि किन कर्मचारियों को वास्तव में छूट दी जा सकती है। वहीं कलेक्टर के इस फैसले की चर्चा भी हो रही है। कुछ लोग इसे कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने का अच्छा तरीका मान रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि ऐसे महत्वपूर्ण काम को जिम्मेदारी समझकर बिना किसी प्रलोभन के करना चाहिए।
यह स्थिति यह भी दिखाती है कि बड़े सरकारी कार्यों को सफल बनाने के लिए केवल नियम ही नहीं, बल्कि प्रेरणा और सहयोग भी जरूरी है। अगर कर्मचारी उत्साह और जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे, तो जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं।


