भोपाल। मध्य प्रदेश में बस यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए मोबाइल ऐप से टिकट बुकिंग की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इस सुविधा के लागू होने के बाद यात्री ट्रेन की तरह मोबाइल फोन से बस टिकट बुक कर सकेंगे। इससे टिकट लेने की प्रक्रिया आसान होने के साथ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। नई व्यवस्था में टिकट नहीं देने वाले कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान भी रहेगा।
मोबाइल ऐप से होगी बस टिकट बुकिंग
नई व्यवस्था के तहत यात्री मोबाइल ऐप के माध्यम से बस टिकट बुक कर सकेंगे। इससे उन्हें टिकट लेने के लिए पूरी तरह कंडक्टर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। डिजिटल बुकिंग से यात्रा की योजना बनाना और टिकट संबंधी जानकारी प्राप्त करना आसान हो सकता है। रेलवे सहित कई परिवहन सेवाओं में ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा पहले से उपलब्ध है। इसी तर्ज पर बसों के लिए ऐप आधारित व्यवस्था शुरू होने से नियमित यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ऐप में किन बस सेवाओं को शामिल किया जाएगा और ऑनलाइन भुगतान के कौन-कौन से विकल्प मिलेंगे, इसकी जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होगी।
टिकट नहीं देने वाले कंडक्टर पर होगी कार्रवाई
प्रस्तावित व्यवस्था में टिकट नहीं देने वाले कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बस यात्रा के दौरान टिकट यात्री के पास यात्रा का प्रमाण होता है। टिकट नहीं मिलने पर यात्रियों को शिकायत करने या यात्रा का प्रमाण प्रस्तुत करने में परेशानी हो सकती है। डिजिटल टिकट व्यवस्था से टिकट वितरण की निगरानी करना आसान हो सकता है। इससे अनियमितताओं पर रोक लगाने और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, कंडक्टर के खिलाफ कार्रवाई का स्वरूप और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया संबंधित विभाग के नियमों के अनुसार तय होगी।
जल्द लॉन्च होगी सुविधा, डिजिटल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
मध्य प्रदेश में ऐप आधारित बस टिकट बुकिंग की तैयारी को सार्वजनिक परिवहन के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। व्यवस्था को सफल बनाने के लिए ऐप का सरल इस्तेमाल, सुरक्षित भुगतान और यात्रियों को सही जानकारी उपलब्ध कराना जरूरी होगा। साथ ही, स्मार्टफोन या इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं करने वाले यात्रियों के लिए भी टिकट लेने के विकल्प बनाए रखना महत्वपूर्ण है। बस कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और यात्रियों को नई सुविधा के बारे में जागरूक करने से इसका संचालन बेहतर हो सकता है। अब यात्रियों की नजर ऐप की लॉन्चिंग और बुकिंग से जुड़े नियमों पर रहेगी। आधिकारिक घोषणा के बाद ही सुविधा शुरू होने की तारीख और इसमें शामिल बस सेवाओं की जानकारी स्पष्ट होगी।


