भोपाल के लंबे समय से प्रतीक्षित मास्टर प्लान-2047 का ड्राफ्ट जारी होने के बाद अब उस पर दावे-आपत्तियों और सुझावों का दौर शुरू हो गया है। ड्राफ्ट जारी होने के शुरुआती पांच दिनों में ही 185 से अधिक आपत्तियां और सुझाव प्रशासन के पास पहुंच चुके हैं। इनमें सड़क के अलाइनमेंट, 18 मीटर चौड़ी सड़कों, ग्रीन बेल्ट, कृषि भूमि और बाघों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। भोपाल जिला प्रशासन ने ड्राफ्ट प्लान को सार्वजनिक करते हुए नागरिकों और संस्थाओं से आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं।
मेट्रो और बायपास से बढ़ेगी शहर की कनेक्टिविटी
मास्टर प्लान-2047 में भोपाल की भविष्य की परिवहन व्यवस्था को विस्तार देने पर जोर दिया गया है। ड्राफ्ट में करीब 123.62 किलोमीटर के मेट्रो नेटवर्क और लगभग 51 किलोमीटर नए बायपास का प्रस्ताव बताया गया है। इसके साथ ही लगभग 3 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रोथ कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य शहर के अलग-अलग हिस्सों को बेहतर सड़क और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है। भोपाल जिला प्रशासन की ओर से वेस्ट भोपाल बायपास के लिए विभिन्न गांवों से संबंधित भूमि अधिग्रहण और सार्वजनिक नोटिस भी जारी किए गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में शहर के बाहरी क्षेत्रों में परिवहन और शहरी विस्तार से जुड़ी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
185 आपत्तियों में सड़क, ग्रीन बेल्ट और जमीन का मुद्दा
ड्राफ्ट पर मिली आपत्तियों में प्रस्तावित सड़कों के अलाइनमेंट और 18 मीटर चौड़ी सड़क को लेकर सवाल उठाए गए हैं। कुछ क्षेत्रों के लोगों ने सड़क की दिशा और चौड़ाई में बदलाव की मांग की है। वहीं बाघों के मूवमेंट वाले क्षेत्रों में प्रस्तावित सड़कों को लेकर भी आपत्तियां सामने आई हैं। ग्रीन बेल्ट और कृषि भूमि को आवासीय उपयोग में बदलने से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा में हैं। प्रशासन के सामने अब इन आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण करने की चुनौती होगी। अंतिम विकास योजना तैयार करने से पहले विभिन्न क्षेत्रों से मिली आपत्तियों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा। जिला प्रशासन ने ऑनलाइन माध्यम से भी आपत्ति और सुझाव दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध कराई है।
पड़ोसी शहरों से जुड़ेगा भोपाल का नया विकास क्षेत्र
मास्टर प्लान-2047 में भोपाल को केवल मौजूदा नगर सीमा तक सीमित रखने के बजाय आसपास के क्षेत्रीय केंद्रों से बेहतर तरीके से जोड़ने की योजना दिखाई गई है। ड्राफ्ट में विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम और इंदौर की दिशा में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को महत्व दिया गया है। 51 किलोमीटर का प्रस्तावित ग्रोथ कॉरिडोर इस विस्तार का अहम हिस्सा माना जा रहा है। योजना में हरित क्षेत्र बढ़ाने, जलस्रोतों और प्राकृतिक क्षेत्रों के संरक्षण तथा शिक्षा और एआई आधारित गतिविधियों के लिए विशेष क्षेत्र विकसित करने का भी प्रस्ताव है। ड्राफ्ट में हरित क्षेत्र को करीब 27 प्रतिशत तक बढ़ाने की बात सामने आई है। अब नागरिकों से मिली आपत्तियों और सुझावों के बाद योजना में क्या बदलाव होते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।


