संतान का लालच देकर लोगों को बनाती थीं शिकार
भोपाल में पुलिस ने ऐसी चार बुजुर्ग महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन पर निसंतान दंपतियों को संतान होने का झांसा देकर ठगी करने का आरोप है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी महिलाएं गांव-गांव घूमकर लोगों का विश्वास जीतती थीं और दावा करती थीं कि उनके पास ऐसी विशेष जड़ी-बूटियां और पारंपरिक उपचार हैं, जिनके सेवन से संतान प्राप्ति संभव हो जाएगी। उनकी बातों में आकर कई लोग आर्थिक नुकसान का शिकार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
जड़ी-बूटी बेचने के नाम पर ऐंठती थीं मोटी रकम
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाएं पहले लोगों से घुल-मिल जाती थीं और उनकी पारिवारिक परेशानियों की जानकारी हासिल करती थीं। इसके बाद वे संतान सुख दिलाने का भरोसा देकर महंगी जड़ी-बूटियां बेचती थीं। कई मामलों में कथित तौर पर पूजा-पाठ, विशेष अनुष्ठान और अन्य धार्मिक उपायों के नाम पर भी लोगों से अतिरिक्त पैसे लिए जाते थे। जब अपेक्षित परिणाम नहीं मिलते थे, तब आरोपी दूसरी जगह जाकर नए लोगों को अपना निशाना बनाती थीं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तरह की घटनाएं किन-किन क्षेत्रों में हुई हैं।
पुलिस जांच में सामने आए कई महत्वपूर्ण तथ्य
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हो सकता है तथा अब तक कितने लोगों से ठगी की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति इसी प्रकार के झांसे का शिकार हुआ है तो वह आगे आकर शिकायत दर्ज कराए। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अंधविश्वास से बचने और जागरूक रहने की जरूरत
यह मामला लोगों को अंधविश्वास और झूठे दावों से सतर्क रहने का संदेश देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि संतान संबंधी किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य चिकित्सक से सलाह लेना ही सबसे सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीका है। बिना किसी प्रमाण के चमत्कारी इलाज, जड़ी-बूटी या तांत्रिक उपायों के नाम पर किए जाने वाले दावों पर विश्वास करना आर्थिक और मानसिक नुकसान का कारण बन सकता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गिरोह की जानकारी तुरंत संबंधित थाने को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अन्य लोगों को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सके।


