वाहन खरीद का सौदा बना ठगी का जाल
भोपाल में एक कारोबारी के साथ 17 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कारोबारी ने तीन वाहनों का सौदा कर लाखों रुपये का भुगतान किया, लेकिन वाहन विक्रेताओं ने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। पीड़ित को शुरुआत में भरोसा दिलाया गया कि सभी दस्तावेज जल्द सौंप दिए जाएंगे, लेकिन समय बीतने के बावजूद कागजात नहीं दिए गए। इसके बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने कारोबारी को और अधिक परेशानी में डाल दिया। मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है और जांच शुरू कर दी गई है।
दस्तावेज नहीं मिले, बढ़ता गया संदेह
पीड़ित कारोबारी के अनुसार उसने तय प्रक्रिया के तहत तीन वाहनों की खरीद की थी। भुगतान के बाद वाहन उसके कब्जे में आ गए, लेकिन आरसी, ट्रांसफर दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात देने में लगातार टालमटोल की जाती रही। शुरुआत में कारोबारी को भरोसा था कि प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग सकता है, लेकिन बार-बार मांग करने के बावजूद दस्तावेज नहीं मिलने से उसे संदेह होने लगा। इसी बीच आरोपियों ने विभिन्न बहाने बनाकर समय निकालने की कोशिश की।
डुप्लीकेट चाबी से घर के बाहर से उठा ले गए वाहन
मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया जब कारोबारी के घर के बाहर खड़े वाहन अचानक गायब हो गए। जांच और आसपास के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आरोप है कि आरोपियों ने डुप्लीकेट चाबी का उपयोग कर वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया। पीड़ित का कहना है कि जिन वाहनों के लिए उसने लाखों रुपये का भुगतान किया था, उन्हें ही आरोपी वापस ले गए। घटना के बाद कारोबारी ने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। इस घटनाक्रम ने वाहन खरीद-बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी के नए तरीके को भी उजागर किया है।
पुलिस जांच में जुटी, आरोपियों की तलाश जारी
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि वाहन खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों, लेनदेन और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। साथ ही आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसी तरह की शिकायतें अन्य लोगों से भी तो नहीं मिली हैं। आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में सामने आया यह मामला वाहन खरीद-बिक्री के दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वाहन का सौदा करते समय उसके सभी दस्तावेजों की जांच और स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने तक विशेष सतर्कता बरतना जरूरी है। फिलहाल पीड़ित कारोबारी को न्याय दिलाने और आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस जांच जारी है।


