देर रात भड़की आग से मचा हड़कंप
भोपाल में एक फर्नीचर शोरूम और उससे जुड़े गोदाम में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के कुछ ही देर बाद पूरे परिसर से धुएं का घना गुबार उठने लगा, जिसे दूर-दूर तक देखा जा सकता था। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। आग तेजी से फैलने के कारण आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में भी दहशत का माहौल बन गया। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को खाली कराया गया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
सोफा, बेड और अलमारी सहित बड़ी मात्रा में फर्नीचर जलकर खाक
जानकारी के अनुसार, शोरूम और गोदाम में बड़ी संख्या में सोफा, बेड, अलमारी, डाइनिंग टेबल, कुर्सियां और अन्य लकड़ी का फर्नीचर रखा हुआ था। आग ने कुछ ही समय में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो गया। लकड़ी, फोम और अन्य ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन आग पूरी तरह बुझने और जांच पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।
पांच घंटे तक चला राहत एवं बचाव अभियान
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग पांच घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। इस दौरान पुलिस ने यातायात को नियंत्रित किया और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। अधिकारियों ने समय रहते पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
आग पर काबू पाने के बाद पुलिस और संबंधित विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती स्तर पर शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा रही है। प्रशासन ने व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों से अपील की है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें, नियमित रूप से विद्युत उपकरणों की जांच कराएं और परिसर में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।


