टैक्सी यात्रियों को लगा महंगाई का झटका
भोपाल में टैक्सी सेवाओं का उपयोग करने वाले यात्रियों को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी। शहर में टैक्सी किराए में करीब 100 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। नए किराया ढांचे के लागू होने के बाद एयरपोर्ट से अवधपुरी तक की प्रीमियम टैक्सी राइड का किराया बढ़कर 450 रुपए हो गया है। किराए में इस बड़े बदलाव का असर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों, व्यवसायिक यात्रियों और एयरपोर्ट आने-जाने वाले लोगों पर सीधे तौर पर पड़ेगा। परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद किराए में संशोधन किया गया है, जिसके पीछे बढ़ती परिचालन लागत प्रमुख कारण है।
एयरपोर्ट रूट पर सबसे ज्यादा असर
नए किराया ढांचे का सबसे अधिक प्रभाव एयरपोर्ट से संचालित टैक्सी सेवाओं पर देखने को मिलेगा। एयरपोर्ट से विभिन्न क्षेत्रों तक जाने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। विशेष रूप से प्रीमियम टैक्सी सेवाओं के किराए में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एयरपोर्ट से अवधपुरी जैसे प्रमुख रूटों पर सफर करने वाले यात्रियों को अब 450 रुपए तक किराया देना पड़ेगा। एयरपोर्ट पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है, ऐसे में किराया वृद्धि का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ने की संभावना है।
शहर के भीतर भी बढ़ेंगे टैक्सी रेट
केवल एयरपोर्ट सेवाएं ही नहीं, बल्कि शहर के भीतर संचालित होने वाली टैक्सी सेवाओं के किराए में भी बढ़ोतरी की तैयारी है। विभिन्न रूटों के लिए नए किराए तय किए जा रहे हैं। परिवहन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि ईंधन की बढ़ती कीमतें, वाहन रखरखाव का खर्च, बीमा और अन्य परिचालन लागत में लगातार वृद्धि के कारण किराया संशोधन आवश्यक माना जा रहा था। हालांकि यात्रियों का एक वर्ग इस बढ़ोतरी को काफी अधिक मान रहा है और उनका कहना है कि इससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
यात्रियों और संचालकों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
किराया वृद्धि को लेकर यात्रियों और टैक्सी संचालकों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग हैं। जहां यात्री इसे महंगाई के दौर में अतिरिक्त बोझ मान रहे हैं, वहीं टैक्सी संचालकों का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए किराया बढ़ाना जरूरी हो गया था। उनका दावा है कि लंबे समय से किराए में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ था, जबकि खर्च लगातार बढ़ते जा रहे थे।
भोपाल में टैक्सी किराए में हुई इस बढ़ोतरी का असर आने वाले दिनों में साफ दिखाई देगा। खासकर एयरपोर्ट और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अब पहले से अधिक भुगतान करना होगा। वहीं प्रशासन और सेवा प्रदाताओं के सामने यह चुनौती भी होगी कि बढ़े हुए किराए के बावजूद यात्रियों को बेहतर और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।


