शहडोल जिले के धनपुरी क्षेत्र में एक युवक को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने का प्रयास किया गया। ठग ने खुद को पुलिस की क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए युवक को डराने की कोशिश की और उसकी गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे मांगने का प्रयास किया।

यह है मामला:
पीड़ित युवक को शाम करीब 5:30 बजे एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन उठाते ही कॉलर ने अपना परिचय क्राइम ब्रांच अधिकारी के रूप में दिया और कहा, “तुम मोबाइल पर अश्लील वीडियो देखते हो। हमारे पास इसके सबूत हैं। कुछ ही देर में पुलिस तुम्हें गिरफ्तार करने पहुंचेगी।” युवक ने आरोपों से इनकार किया, लेकिन ठग ने उसे और ज्यादा डराना और धमकाना शुरू कर दिया।
ठग ने पीड़ित युवक को गिरफ्तारी से बचने और मामला ख़तम करने के लिए तुरंत 7,000 रुपये बताए नंबर पर ट्रांसफर करने को कहा। उसने यह भी कहा कि एक माफीनामा तैयार कर मामला खत्म कर दिया जाएगा। जिसके बाद ठग ने पहले युवक के खाते में एक रुपया भेजा और फिर उससे फोन काटे बिना तुरंत पैसे भेजने को कहा। युवक ने ठग को झांसा देते हुए बोला की उसके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं और उसे दोस्तों से उधार लेना पड़ेगा। इस दौरान युवक को शक हुआ कि यह एक ठगी का मामला है। उसने ठग से बातचीत में समय बर्बाद किया और अंत में ठग ने खुद ही कॉल काट दिया।
इस घटना में करीब 24 मिनट तक ठगो द्वारा पीड़ित युवक को “डिजिटल अरेस्ट” करके रखा गया, लेकिन युवक की सतर्कता और समझदारी से वह किसी भी नुकसान से बच गया।
यह घटना एक बार फिर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करती है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता बताती है। यदि ऐसा कोई फोन कॉल आए, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें और किसी भी परिस्थिति में ठगों के झांसे में न आएं।


