भोपाल समाचार – राजधानी भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में बना 90 डिग्री मोड़ वाला ओवरब्रिज अब सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है। अजीबोगरीब टर्निंग के चलते जहां एक ओर यह ब्रिज मीम्स और ट्रोल्स का हिस्सा बन गया है, वहीं दूसरी ओर अब यह सेल्फी स्पॉट में तब्दील हो गया है। दूर-दूर से लोग इसे देखने और फोटो खींचने पहुंच रहे हैं।

इस ब्रिज के फेमस होते ही और सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए राज्य सरकार ने ब्रिज को री-डिजाइन करने का फैसला लिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) और रेलवे मिलकर इसके मोड़ को बदलने और ब्रिज को चौड़ा करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।
होगा टर्निंग में सुधार
सरकार द्वारा गठित तीन जांच समितियों की रिपोर्ट में बताया गया कि ब्रिज संरचनात्मक रूप से सुरक्षित है, लेकिन इसके टर्निंग एंगल और चौड़ाई में बदलाव की जरूरत है ताकि हादसों की आशंका को रोका जा सके।
री-डिजाइन प्लान में क्या होगा खास?
- फुटपाथ को हटाकर 3 फीट अतिरिक्त टर्निंग स्पेस दी जाएगी।
- रेलवे ने 10 फीट चौड़ाई बढ़ाने की भी अनुमति दी है।
- स्पीड ब्रेकर, रैलिंग, इलेक्ट्रिक सिग्नल और संकेत बोर्ड लगाए जाएंगे।
- संभावित योजना के तहत, सिर्फ दोपहिया वाहनों को ब्रिज से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है।
तीन अलग संस्थानों ने दिए ये सुझाव:
- एनएचएआई:
- गति सीमा 30 किमी/घंटा तय हो।
- ब्रिज की दीवारें ऊंची की जाएं।
- बेहतर लाइटिंग और संकेत लगाए जाएं।
- एमपीआरडीसी:
- भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित हो।
- जब तक चौड़ीकरण न हो, ट्रैफिक सीमित रहे।
- स्थानीय प्रशासन:
- फुटपाथ को शामिल कर ब्रिज चौड़ा किया जाए।
- ब्रिज से टकराव से बचने के लिए रोड डिजाइन सुधारी जाए।
इतिहास और तकनीकी चुनौतियाँ
- इस ब्रिज को 2018 में प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी, लेकिन निर्माण 2022 में शुरू हुआ।
- निर्माण के दौरान पास ही मेट्रो लाइन, रेलवे ट्रैक और स्टेडियम होने के कारण तकनीकी जटिलताएं थीं।
- रेलवे ने फाटक अचानक बंद कर दिया, जिससे यह ब्रिज आवश्यक हो गया।
इंजीनियरों पर नहीं होगी कार्रवाई
PWD के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सामूहिक था और किसी एक अभियंता को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। डिजाइन और निर्माण की अनुमति रेलवे द्वारा दी गई थी।
वायरल मोड़ बना सेल्फी पॉइंट
इस ब्रिज की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब यह भोपाल का एक अनौपचारिक पर्यटन स्थल बन चुका है। लोग इसे देखने आ रहे हैं और मज़ेदार मीम्स भी बन रहे हैं।
भोपाल का यह 90 डिग्री मोड़ वाला ओवरब्रिज एक मिसाल बन गया है कि किस तरह सोशल मीडिया पर किसी विषय की चर्चा सरकार के लिए निर्णय बदलने की वजह बन सकती है। आने वाले समय में, यह फ्लाईओवर न केवल अधिक सुरक्षित होगा, बल्कि एक बेहतर शहरी डिज़ाइन का उदाहरण भी पेश करेगा।


