भोपाल की अरेरा कॉलोनी में नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई को लेकर सोमवार को हंगामे की स्थिति बन गई। निगम की टीम ने नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब चार घंटे में 15 दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। दुकानदारों ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि छोटे कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर समान कार्रवाई नहीं की जा रही। विवाद बढ़ने पर मौके पर पुलिस भी मौजूद रही।
चार घंटे में 15 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
नगर निगम की टीम अरेरा कॉलोनी क्षेत्र में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। टीम ने संबंधित दस्तावेज और नियमों की स्थिति की जांच करने के बाद कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की। बताया गया कि करीब चार घंटे के दौरान 15 प्रतिष्ठानों को बंद कर सील किया गया। कार्रवाई की खबर फैलते ही आसपास के दुकानदार भी मौके पर पहुंच गए। कई व्यापारियों ने निगम अधिकारियों के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई और कार्रवाई को लेकर जानकारी मांगी। निगम की ओर से नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
दुकानदारों ने उठाया पक्षपात का सवाल
सीलिंग कार्रवाई से नाराज दुकानदारों ने नगर निगम पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जा रही है, लेकिन बड़े शॉपिंग मॉल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर इसी तरह की कार्रवाई क्यों नहीं होती। व्यापारियों ने सवाल उठाया कि यदि नियम सभी के लिए समान हैं तो कार्रवाई भी सभी पर एक जैसी होनी चाहिए। दुकानदारों का कहना है कि अचानक सीलिंग होने से कारोबार प्रभावित हुआ है और कर्मचारियों तथा ग्राहकों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई। उन्होंने निगम से कार्रवाई की प्रक्रिया और मानकों को स्पष्ट करने की मांग की।
निगम ने नियमों के आधार पर कार्रवाई की बात कही
विवाद के बीच नगर निगम अधिकारियों ने कार्रवाई को नियमों के तहत बताया। निगम की टीम का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों से संबंधित अनियमितताएं पाई गईं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार सीलिंग अभियान का उद्देश्य व्यावसायिक गतिविधियों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। वहीं दुकानदारों की मांग है कि कार्रवाई में पारदर्शिता रखी जाए और बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाए। फिलहाल अरेरा कॉलोनी में हुई कार्रवाई के बाद व्यापारियों और नगर निगम के बीच विवाद बढ़ गया है। आने वाले दिनों में निगम की ओर से अन्य क्षेत्रों में भी ऐसी कार्रवाई किए जाने की संभावना है।


