भोपाल में अधिवक्ता से कथित मारपीट का मामला बुधवार को बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया। जहांगीराबाद थाने में वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश रावल के साथ मारपीट के आरोपों के बाद बड़ी संख्या में वकील जिला अदालत के बाहर सड़क पर उतर आए। अधिवक्ताओं ने कोर्ट चौराहे पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया और मामले में FIR सहित कड़ी कार्रवाई की मांग की।
थाने में मारपीट के आरोप के बाद देर रात तक प्रदर्शन
मामला मंगलवार रात का बताया जा रहा है। अधिवक्ता राकेश रावल के अनुसार, रास्ता बंद होने के कारण पुलिसकर्मियों से उनकी बातचीत हुई थी। इसके बाद उन्हें जहांगीराबाद थाने ले जाया गया। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि थाना परिसर में पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद सामने आए वीडियो में उनके कपड़ों पर कीचड़ और पैरों पर चोट के निशान दिखाई देने की बात रिपोर्टों में कही गई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद करीब 50 अधिवक्ता देर रात जहांगीराबाद थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। विरोध देर रात तक चलता रहा। वकीलों की मांग थी कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि विवाद के दौरान अधिवक्ता द्वारा पुलिस अधिकारियों के साथ अभद्रता और अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप भी सामने आया है।
TI समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
विरोध के बीच पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन सिंह अहिरवार, आरक्षक यश लखेरा और आरक्षक रामस्वरूप को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। तीनों को निलंबन अवधि में रक्षित केंद्र भोपाल से संबद्ध किया गया है। पुलिस विभाग ने मामले की प्राथमिक जांच पूरी करने के लिए सात दिन की समयसीमा भी तय की है। इसके बाद भी अधिवक्ताओं का विरोध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। बुधवार को वकील जिला अदालत के बाहर एकत्र हुए और कोर्ट चौराहे पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण आसपास के मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ और वाहनों को वैकल्पिक रास्तों से निकालना पड़ा।
देर रात TI समेत तीन के खिलाफ FIR दर्ज
वकीलों के लगातार विरोध के बीच देर रात पुलिस ने निलंबित TI समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में FIR दर्ज की। वहीं, पुलिस ने अधिवक्ता राकेश रावल के खिलाफ भी गाली-गलौज और अभद्रता से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस तरह मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। FIR दर्ज होने के बाद भोपाल बार काउंसिल की ओर से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। हालांकि, अधिवक्ताओं ने आगे की कार्रवाई को लेकर बैठक करने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की बात कही है। फिलहाल पुलिस विभाग की जांच जारी है और मामले में सामने आए आरोपों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


