मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जनवरी 2027 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) आयोजित होने जा रही है। राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जून 2026 में जनवरी में भोपाल में समिट आयोजित करने की घोषणा की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने की जानकारी दी थी। अब आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।
सतगढ़ी में होगा निवेशकों का बड़ा सम्मेलन
सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल के कोलार क्षेत्र स्थित सतगढ़ी को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए चुना गया है। यहां प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाओं को भी समिट से जोड़कर देखा जा रहा है। आयोजन में देश-विदेश के उद्योगपतियों, निवेशकों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं के शामिल होने की संभावना है। राज्य सरकार का उद्देश्य समिट के जरिए मध्यप्रदेश में नए निवेश के अवसर सामने रखना है। इसके लिए अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों, उपलब्ध भूमि, कनेक्टिविटी और निवेश नीतियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। इससे भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक तथा व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजनाओं पर भी चर्चा हो सकती है।
निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसरों पर चर्चा
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। सरकार पहले से ही उद्योग, एमएसएमई और स्टार्टअप सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। जून में आयोजित ‘सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट’ में 760 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन राशि वितरित की गई थी। वहीं 137 स्टार्टअप्स को भी वित्तीय सहायता दी गई थी। समिट में निवेश प्रस्तावों के साथ रोजगार सृजन, औद्योगिक अधोसंरचना, स्टार्टअप, तकनीक और नए उद्योगों से जुड़े विषयों पर भी बातचीत होने की संभावना है। सरकार का फोकस निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने और राज्य में निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने पर है।
PM मोदी की मौजूदगी को लेकर तैयारियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनवरी 2027 की ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित किए जाने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। प्रधानमंत्री ने फरवरी 2025 में भोपाल में आयोजित मध्यप्रदेश की पिछली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन किया था। आगामी समिट को लेकर सरकार और प्रशासन आयोजन स्थल, आधारभूत सुविधाओं, निवेशकों की भागीदारी और अन्य व्यवस्थाओं पर काम कर रहे हैं। समिट के दौरान मध्यप्रदेश में प्रस्तावित और संभावित निवेश परियोजनाओं को लेकर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा होगी। सरकार की कोशिश है कि इस आयोजन के जरिए राज्य के औद्योगिक विकास और निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाए।


