भोपाल में बार-बार हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को बिजली व्यवस्था के खिलाफ विरोध जताया। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी रहवासियों के साथ मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों को शिकायत पत्र सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में लालटेन लेकर पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने बिना पूर्व सूचना बिजली बंद किए जाने पर सवाल उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग रखी। कांग्रेस का कहना है कि भोपाल के कई इलाकों में लोगों को बार-बार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब प्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध होने की बात कही जा रही है, तो उपभोक्ताओं को लगातार बिजली कटौती क्यों झेलनी पड़ रही है।
मेंटेनेंस के नाम पर कटौती का मुद्दा उठाया
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में दिन और रात के समय बिना पर्याप्त पूर्व सूचना के बिजली बंद कर दी जाती है। पार्टी के मुताबिक, अधिकारियों की ओर से अक्सर मेंटेनेंस या तकनीकी समस्या का हवाला दिया जाता है। कांग्रेस ने मांग की कि यदि किसी क्षेत्र में मरम्मत कार्य के कारण बिजली बंद की जानी है, तो उपभोक्ताओं को पहले से इसकी सूचना दी जानी चाहिए। भोपाल में पहले भी बिजली कंपनी की ओर से लाइन मेंटेनेंस, अतिरिक्त डीपी स्ट्रक्चर और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण अलग-अलग इलाकों में कई घंटों की बिजली कटौती की सूचनाएं जारी की गई हैं।
अरेरा कॉलोनी और 10 नंबर मार्केट की परेशानी बताई
कांग्रेस ने अरेरा कॉलोनी सहित कई इलाकों में बार-बार बिजली गुल होने की शिकायत रखी। स्थानीय रहवासियों ने 10 नंबर मार्केट और आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली कटौती की समस्या सामने रखी। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, लगातार बिजली आने-जाने से घरों और दुकानों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान का खतरा रहता है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आवासीय क्षेत्रों में विद्युत भार और कनेक्शनों की तकनीकी जांच की मांग की। उन्होंने व्यावसायिक गतिविधियों और बिजली कनेक्शनों के कारण घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले संभावित अतिरिक्त भार की भी जांच की मांग रखी।
स्वतंत्र जांच की मांग, सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने भोपाल की बिजली व्यवस्था की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है। पार्टी ने खराब और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, केबल और फीडरों की जांच तथा लो-वोल्टेज की समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी उठाई। इसके साथ ही प्रदेशभर की बिजली व्यवस्था की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय दल गठित करने की मांग रखी गई। कांग्रेस नेता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और अघोषित कटौती जारी रही, तो पार्टी जनता के साथ आगे आंदोलन करेगी। अब बिजली कंपनी की ओर से शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर नजर रहेगी।


