मध्यप्रदेश में शिक्षकों की तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन शुरू हो गया है। अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में प्रदेशभर से शिक्षक भोपाल के नीलम पार्क पहुंचे और रविवार से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया। शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों का ठोस निराकरण नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, धरने में करीब एक हजार शिक्षक शामिल हुए हैं।
TET की अनिवार्यता खत्म करने की मांग
शिक्षकों की पहली प्रमुख मांग लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता से छूट देने की है। संयुक्त मोर्चे का कहना है कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को दोबारा TET की प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। मोर्चे ने इस मांग के समर्थन में मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करने और उसे केंद्र सरकार को भेजने की मांग भी रखी है। शिक्षकों का कहना है कि इस मुद्दे पर शासन-प्रशासन के साथ पहले भी चर्चा हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
पहली नियुक्ति से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना
शिक्षकों की दूसरी मांग उनकी पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि और वरिष्ठता की गणना करने की है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वास्तविक सेवा अवधि को ध्यान में रखते हुए उनके सेवा संबंधी लाभ तय किए जाने चाहिए। मोर्चे के अनुसार, पहली नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना होने पर ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण, पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों में शिक्षकों को फायदा मिल सकता है। इसी मांग को लेकर भी संगठन सरकार से स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।
ई-अटेंडेंस को स्वैच्छिक करने की मांग
तीसरी प्रमुख मांग शिक्षकों के लिए लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को स्वैच्छिक करने की है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था को लेकर शिक्षकों के सामने व्यावहारिक समस्याएं हैं और इसे अनिवार्य रखने के बजाय स्वैच्छिक किया जाना चाहिए। आंदोलन को लेकर संयुक्त मोर्चे ने चरणबद्ध कार्यक्रम भी तय किया है। 2 अक्टूबर को विशेष उपवास कार्यक्रम रखा गया है, जबकि अलग-अलग संभागों से शिक्षक आंदोलन में शामिल होते रहेंगे। मोर्चे ने मुख्यमंत्री से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात कर तीनों मांगों पर सीधे चर्चा की मांग की है। संगठन का कहना है कि मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।


