भोपाल। राजधानी भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई तेज हो गई है। अरेरा कॉलोनी और रोहितनगर-बावड़ियाकलां सहित कई इलाकों में ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए थे, जो नियमों के विपरीत आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग कर रहे थे। नगर निगम ने इन प्रतिष्ठानों को नियमों का पालन करने के लिए 10 दिनों का समय दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी कई प्रतिष्ठान खुले पाए गए। अब निगम ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
कमर्शियल उपयोग पर पहले जारी किए गए थे नोटिस
नगर निगम ने शहर के विभिन्न आवासीय इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाकर उन भवनों की पहचान की थी, जहां नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर दस दिनों के भीतर नियमों का पालन करने या आवश्यक अनुमति लेने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों का कहना था कि आवासीय क्षेत्रों में अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों से यातायात, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
समय सीमा पूरी होने के बाद भी खुले रहे प्रतिष्ठान
नोटिस जारी होने के बावजूद कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने अपनी गतिविधियां जारी रखीं। निर्धारित दस दिनों की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी इन प्रतिष्ठानों में कोई विशेष बदलाव नहीं देखा गया। इससे नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सभी के लिए कानून का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
नगर निगम करेगा अगली कार्रवाई
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, जिन प्रतिष्ठानों ने नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया है, उनके खिलाफ अगला कदम उठाया जाएगा। इसमें नियमानुसार सीलिंग, जुर्माना या अन्य प्रशासनिक कार्रवाई शामिल हो सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नियमों के पालन से ही बनेगी व्यवस्थित शहरी व्यवस्था
विशेषज्ञों का मानना है कि आवासीय क्षेत्रों में अनियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियां शहर की योजना, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। इसलिए भवनों का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार होना आवश्यक है। नगर निगम ने सभी भवन मालिकों और प्रतिष्ठान संचालकों से अपील की है कि वे वैध अनुमति लेकर ही व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करें। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन करने से शहर का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


