राज्य के विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में 1.21 लाख छात्रों के बैंक खातों में सहायता राशि ट्रांसफर की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता मिलने पर उसे अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए और असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 बच्चों को लैपटॉप भी वितरित किए गए। सरकार की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है।
1.21 लाख विद्यार्थियों को मिला आर्थिक लाभ
कार्यक्रम के दौरान 1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में राशि सीधे ट्रांसफर की गई। इस आर्थिक सहायता से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी। राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचाए जाने से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में सुविधा होगी। अधिकारियों के अनुसार विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी पढ़ाई में आर्थिक बाधाओं को कम करने के उद्देश्य से इस तरह की योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिल सकती है।
10 विद्यार्थियों को दिए गए लैपटॉप
कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप भी प्रदान किए गए। डिजिटल दौर में पढ़ाई के लिए कंप्यूटर और इंटरनेट का महत्व लगातार बढ़ रहा है। लैपटॉप मिलने से विद्यार्थियों को ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, शैक्षणिक वीडियो, डिजिटल पुस्तकें और अन्य शैक्षणिक संसाधनों का उपयोग करने में सुविधा होगी। मेधावी विद्यार्थियों को इस तरह प्रोत्साहित करने से अन्य छात्रों में भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा पैदा हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में भी उत्साह देखने को मिला।
CM ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता मिलने पर उसे सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहिए। वहीं असफलता को जीवन का अंत मानने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विद्यार्थी के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन जो व्यक्ति असफलताओं से सीखता है, वह भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और शिक्षा के साथ-साथ अपने व्यक्तित्व के विकास पर भी काम करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश यही रहा कि सरकारी सहायता विद्यार्थियों को अवसर दे सकती है, लेकिन सफलता हासिल करने के लिए मेहनत और लगन सबसे जरूरी है।


