भोपाल में ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े करीब 4 हजार टैक्सियों और कैब चालकों की हड़ताल के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बड़ी संख्या में कैब और टैक्सी के सड़कों से हटने के बाद शहर में लोगों को आने-जाने के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है। हड़ताल का असर खासतौर पर उन यात्रियों पर दिखाई दे रहा है, जो रोजाना कैब सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। अचानक कैब उपलब्ध नहीं होने से लोगों को अधिक समय इंतजार करना पड़ रहा है और कई यात्रियों को ऑटो या अन्य निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
4 हजार टैक्सियों के पहिए थमे, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
हड़ताल के चलते भोपाल में करीब 4 हजार टैक्सियों के संचालन पर असर पड़ा है। ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों के सड़कों पर नहीं उतरने से कैब बुक करने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है। मोबाइल ऐप पर कैब की उपलब्धता कम होने के कारण कई लोगों को बुकिंग कैंसिल करनी पड़ रही है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, छात्रों और जरूरी काम से यात्रा करने वाले लोगों को वैकल्पिक परिवहन की तलाश करनी पड़ रही है। शहर के व्यस्त इलाकों में इसका असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
ड्राइवरों की मांगों को लेकर हड़ताल
कैब और टैक्सी चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल का रास्ता अपनाया है। ड्राइवरों का कहना है कि बढ़ते ईंधन, वाहन रखरखाव और अन्य खर्चों के बीच मौजूदा कमाई में काम करना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि ऑनलाइन कैब कंपनियों की नीतियों और कमीशन व्यवस्था का भी उनकी आय पर असर पड़ता है। चालक अपनी मांगों को लेकर कंपनियों और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जा सकता है।
वैकल्पिक साधनों पर निर्भर हुए यात्री
कैब सेवाएं प्रभावित होने के बाद यात्रियों को ऑटो, बस और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में ऑटो की मांग बढ़ने से यात्रियों को अधिक समय इंतजार करना पड़ रहा है। रोजाना कैब से सफर करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा मुश्किल वाली है। वहीं, प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत से हड़ताल समाप्त होने की उम्मीद बनी हुई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हड़ताल का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर और बढ़ सकता है। यात्रियों को उम्मीद है कि ड्राइवरों की मांगों और कंपनियों के बीच जल्द सहमति बनेगी, जिससे कैब सेवाएं सामान्य हो सकेंगी और लोगों को राहत मिल सकेगी।


