भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा का विस्तार किया गया है। शहर में 10 नई ई-बसें सड़कों पर उतरने के बाद अब कुल संख्या 30 हो गई है। बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को प्रमुख रूटों पर पहले की तुलना में कम इंतजार करना पड़ेगा। कई मार्गों पर अब करीब 15 मिनट के अंतराल में ई-बस मिलने की सुविधा उपलब्ध होने लगी है। इससे रोजाना नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। ई-बस सेवा को शहर के लगभग आधे हिस्से तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे भोपाल के अलग-अलग इलाकों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है।
10 नई बसें जुड़ने से बढ़ी रफ्तार
ई-बसों के बेड़े में 10 नई बसें शामिल होने के बाद सेवा की क्षमता बढ़ी है। पहले सीमित संख्या में बसें चलने के कारण कुछ रूटों पर यात्रियों को बस के लिए अधिक समय इंतजार करना पड़ता था। अब अतिरिक्त बसों को प्रमुख और अधिक यात्री वाले रूटों पर लगाया जा रहा है। इससे बसों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने में मदद मिल रही है। यात्रियों को खासतौर पर पीक ऑवर में इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। बसों की संख्या बढ़ने से एक ही रूट पर लगातार सेवा उपलब्ध कराना आसान होगा और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव भी कम हो सकता है।
शहर के आधे हिस्से तक पहुंचा नेटवर्क
भोपाल में ई-बसों का नेटवर्क लगातार बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में इन बसों के जरिए शहर के करीब आधे हिस्से को कवर किया जा रहा है। प्रमुख बाजारों, आवासीय क्षेत्रों, शैक्षणिक संस्थानों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों को जोड़ने वाले मार्गों पर इनका संचालन किया जा रहा है। नए रूट और बढ़ी हुई फ्रीक्वेंसी से उन यात्रियों को फायदा मिलेगा, जो रोजाना सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं। आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ने के साथ नेटवर्क को शहर के बाकी हिस्सों तक विस्तार देने की संभावना है।
पर्यावरण के साथ यात्रियों को भी फायदा
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का सबसे बड़ा फायदा पर्यावरण को माना जा रहा है। डीजल वाहनों की तुलना में ई-बसें प्रदूषण कम करने में मदद करती हैं। शहर में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने से निजी वाहनों पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिल सकती है। अगर यात्रियों को कम अंतराल पर सुविधाजनक बस सेवा मिलती है, तो ज्यादा लोग निजी वाहन छोड़कर बसों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव और प्रदूषण दोनों कम करने में मदद मिलेगी। 30 ई-बसों के बाद अब सेवा के विस्तार से भोपाल की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ा है।


