भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी कर रही है। शहर में BRICS संस्कृति सम्मेलन का शुभारंभ हो गया है, जिसमें 10 देशों के 100 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और अतिथि शामिल हुए हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, कला, पर्यटन, रचनात्मक उद्योगों और अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ सदस्य देशों के बीच सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
10 देशों के प्रतिनिधियों की ऐतिहासिक भागीदारी
सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के अलावा आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि, संस्कृति विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। 100 से अधिक विदेशी मेहमानों की उपस्थिति ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय महत्व प्रदान किया है। प्रतिनिधिमंडलों का पारंपरिक भारतीय शैली में स्वागत किया गया, जिससे भारत की समृद्ध संस्कृति और ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना की झलक देखने को मिली। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधि अपने सांस्कृतिक अनुभव और सफल पहल साझा करेंगे।
चार दिनों तक संस्कृति और विरासत पर होगा मंथन
चार दिवसीय सम्मेलन में सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, संग्रहालय प्रबंधन, पारंपरिक कला, लोक संस्कृति, सांस्कृतिक पर्यटन और डिजिटल तकनीक के माध्यम से विरासत संरक्षण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके साथ ही कई कार्यशालाएं, संवाद सत्र और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन चर्चाओं से सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई मजबूती मिलेगी और भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं का मार्ग भी प्रशस्त होगा।
भोपाल को मिलेगा वैश्विक पहचान का अवसर
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के आयोजन से भोपाल को वैश्विक स्तर पर अपनी सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। विदेशी प्रतिनिधि शहर के ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों, स्थानीय कला और पारंपरिक हस्तशिल्प से भी परिचित होंगे। इससे पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय और स्थानीय हस्तशिल्प क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन किसी शहर की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मिलेगी नई मजबूती
BRICS संस्कृति सम्मेलन को भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, विविध परंपराओं और वैश्विक सहयोग की प्रतिबद्धता को दुनिया के सामने प्रस्तुत कर रहा है। सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी, कला विनिमय और भविष्य की संयुक्त योजनाओं पर भी चर्चा होगी। प्रशासन ने आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। चार दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन न केवल सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देगा, बल्कि भोपाल को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी करने वाले प्रमुख शहरों में भी नई पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।


