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भोपाल में BRICS सम्मेलन का दूसरा दिन, संस्कृति मंत्रियों के घोषणा-पत्र पर मंथन; रवींद्र भवन में सांस्कृतिक महोत्सव ने बांधा समां

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित BRICS संस्कृति सम्मेलन का दूसरा दिन महत्वपूर्ण बैठकों और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ शुरू हुआ। सम्मेलन में शामिल सदस्य देशों के संस्कृति मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और प्रतिनिधि संयुक्त घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन) के मसौदे पर विस्तृत चर्चा कर रहे हैं। इस घोषणा-पत्र में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देने, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और भविष्य के सहयोग से जुड़े प्रमुख बिंदुओं को शामिल किए जाने पर विचार किया जा रहा है। वहीं, शहर के रवींद्र भवन में सांस्कृतिक महोत्सव का शुभारंभ हुआ, जहां भारत सहित विभिन्न देशों की कला, संगीत, नृत्य और लोक परंपराओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

घोषणा-पत्र के मसौदे पर गहन चर्चा

सम्मेलन के दूसरे दिन संस्कृति मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने संयुक्त घोषणा-पत्र के प्रारूप पर विचार-विमर्श किया। बैठक में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, डिजिटल माध्यमों से सांस्कृतिक सहयोग, संग्रहालयों के विकास, पारंपरिक कला और कलाकारों को प्रोत्साहन जैसे विषयों पर सुझाव साझा किए गए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घोषणा-पत्र से BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा भविष्य में संयुक्त परियोजनाओं के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी।

रवींद्र भवन में सजा सांस्कृतिक महोत्सव

सम्मेलन के साथ-साथ रवींद्र भवन में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोक नृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया। विभिन्न राज्यों की लोक कलाओं और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रही। विदेशी मेहमानों ने भारतीय संस्कृति की विविधता और परंपराओं की सराहना की।

अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक सहयोग को मिलेगी नई दिशा

BRICS सम्मेलन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि सदस्य देशों के बीच दीर्घकालिक सांस्कृतिक साझेदारी को मजबूत करना भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंच के माध्यम से कला, साहित्य, संग्रहालय, फिल्म, पर्यटन और रचनात्मक उद्योगों में सहयोग बढ़ेगा। इससे विभिन्न देशों के कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थानों को एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा करने और संयुक्त परियोजनाओं पर काम करने का अवसर मिलेगा।

भोपाल को मिली वैश्विक सांस्कृतिक पहचान

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी से भोपाल को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है। शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधि स्थानीय पर्यटन स्थलों, संग्रहालयों और सांस्कृतिक धरोहरों का भी भ्रमण कर रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और आयोजन संबंधी सभी व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। चार दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूती देने के साथ-साथ भोपाल को अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Sanjay
Author: Sanjay

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