मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में सड़क, कृषि, सुरक्षा और जनभोपाल-विदिशा फोरलेन से लेकर देवास विस्फोट तक, मोहन कैबिनेट ने लिए ये 5 बड़े फैसलेहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना से लेकर देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच तक कई बड़े निर्णय लिए गए। सरकार के इन फैसलों का असर प्रदेश की कनेक्टिविटी, किसानों, औद्योगिक सुरक्षा और पर्यटन क्षेत्र पर देखने को मिल सकता है।
भोपाल-विदिशा फोरलेन को मिली मंजूरी
कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन बनाने की परियोजना को मंजूरी दी है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत करीब 1,757 करोड़ रुपये बताई गई है। सड़क को बेहतर बनाने के साथ शोल्डर और जरूरी सुविधाओं का निर्माण भी किया जाएगा। इससे भोपाल और विदिशा के बीच आवागमन आसान होने के साथ सांची और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
इछावर में सोयाबीन रिसर्च सेंटर, खंडवा में सुरक्षा बल
किसानों के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के औरखेड़ी में ICAR के सोयाबीन अनुसंधान केंद्र के लिए जमीन नि:शुल्क आवंटित करने को मंजूरी दी गई है। केंद्र में सोयाबीन की नई तकनीक, उत्पादन बढ़ाने और खेती से जुड़े अनुसंधान पर काम होगा। इसके अलावा खंडवा में औद्योगिक सुरक्षा बल के गठन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने का लक्ष्य है।
वीरता पुरस्कार बढ़े, देवास विस्फोट की होगी जांच
कैबिनेट ने रानी दुर्गावती पुरस्कार और रानी अवंतिका बाई वीरता पुरस्कार की राशि बढ़ाकर 2-2 लाख रुपये करने का फैसला किया है। इससे वीरता और उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं देवास पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले में जांच का निर्णय लिया गया है। एक सदस्यीय जांच समिति हादसे के कारणों और जिम्मेदारियों की पड़ताल करेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कुल मिलाकर, मोहन कैबिनेट के फैसलों में विकास के साथ सुरक्षा और कृषि को भी प्राथमिकता दी गई है। भोपाल-विदिशा फोरलेन जैसी बड़ी परियोजना जहां प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, वहीं सोयाबीन अनुसंधान केंद्र किसानों के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है। देवास हादसे की जांच से औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आगे ठोस कदम उठने की उम्मीद है।


