भोपाल। पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में मध्य प्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) के किनारे हरियाली बढ़ाने के अभियान में प्रदेश देशभर में पहले स्थान पर पहुंच गया है। पिछले पांच वर्षों में मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे करीब 39 लाख पौधे लगाए गए हैं, जो देशभर में लगाए गए पौधों का लगभग 11 प्रतिशत योगदान है। इस उपलब्धि ने न केवल प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में भी एक मजबूत उदाहरण प्रस्तुत किया है।
पांच वर्षों में 39 लाख पौधों का रिकॉर्ड
राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे हरित पट्टी विकसित करने के उद्देश्य से पिछले पांच वर्षों में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान सड़कों के दोनों ओर लाखों पौधे लगाए गए, जिनमें स्थानीय जलवायु के अनुकूल और लंबे समय तक जीवित रहने वाली प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई। इन पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिससे उनकी जीवित रहने की दर बेहतर बनी रहे। यह अभियान सड़कों को अधिक हराभरा और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
ग्रीन कवर बढ़ने से पर्यावरण को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे विकसित हो रहा ग्रीन कवर कई दृष्टियों से लाभकारी है। इससे वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने, कार्बन डाइऑक्साइड के स्तर को कम करने और तापमान में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा पौधे धूल और शोर प्रदूषण को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हरियाली बढ़ने से सड़क किनारे का प्राकृतिक सौंदर्य भी निखरता है और यात्रियों को अधिक सुखद वातावरण मिलता है। यह पहल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी सहायक मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर मध्य प्रदेश की मजबूत भागीदारी
देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे किए गए पौधरोपण में मध्य प्रदेश का लगभग 11 प्रतिशत योगदान उल्लेखनीय माना जा रहा है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि राज्य पर्यावरण संरक्षण को विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है। सड़क अवसंरचना के विस्तार के साथ-साथ हरित विकास को समान महत्व देने की नीति ने प्रदेश को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह पौधों का संरक्षण और रखरखाव जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में ग्रीन कवर और अधिक मजबूत होगा।
हरित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मध्य प्रदेश की यह सफलता केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। प्रशासन का उद्देश्य भविष्य में भी राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधरोपण जारी रखना है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जैव विविधता, सड़क सुरक्षा और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी मजबूती मिलेगी। हरियाली बढ़ाने की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।


